top of page

Lakhimpur Kheri NEWS:6 माह के खाद्य पदार्थ जाँच के आये नमूने 219 में से 92 सैंपल हुए फेल

  • वीरेंद्र सक्सेना
  • 21 अक्टू॰ 2022
  • 2 मिनट पठन




लखीमपुर खीरी। त्योहारी सीजन में को लेकर जहां लोगों में उल्लास और उमंग है, तो वहीं बड़ी बड़ी मिठाई की दुकानोंसे लेकर अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले दुकानदार ग्राहकों को मिलावटी खाद्य पदार्थ खिला रहे हैं। खाद्य विभागके अधिकारियों की उदासीनता के चलते दिवाली के लिए अभी तक अभियान ही शुरू नहीं हो पाया है। पिछले छह माह में219 नमूनों में 92 खाद्य पदार्थों के नमूने फेल हुए हैं, यानी कि हर दूसरा नमूना फेल हो रहा है।

खाद्य कारोबार के विभिन्न क्षेत्र जैसे निर्माता, प्रसंस्करण पैकेजिंग, भंडारण वितरक एवं फुटकर विक्रय में लगे हुएकारोबारियों को खाद्य सुुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनिमय 2011 के अंतर्गत लाइसेंसअथवा रजिस्ट्रेशन प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं संबंधी नियमोंव विनियमों का पालन किया जाना भी अनिवार्य है।

इसके बावजूद सैकड़ों कारोबारी बिना लाइसेंस/पंजीकरण के खाद्य पदार्थों का कारोबार करते पकड़े जाते हैं। वित्त वर्षके छह माह में 219 नमूनों की जांच रिपोर्ट आईं, जिसमें से 92 खाद्य पदार्थों के नमूने हुए फेल हुए हैं। यानी प्रत्येक दूसरानमूना फेल हो रहा है। इस बार नवरात्रि में नमूने भरे गए थे, लेकिन न तो इसकी रिपोर्ट आई और न ही दिवाली को कोलेकर खाद्य विभाग की टीम ने कोई बड़ा अभियान शुरू किया है।

लापरवाही से खराब होता है खाद्य पदार्थों का मानक खाद्य सुरक्षा अधिकारी बताते हैं कि दूध के नमूनों में डिटर्जेंट एवं कार्बोनेट की उपस्थिति के कारण नमूना असुरक्षितप्रकृति का हो जाता है। आटे के अधिकतर जांच रिपोर्ट में कीटाणु का लार्वा, मृत कीट की उपस्थिति आदि के कारणनमूना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाता है। साबुत दालें, चना, सोयाबीन आदि खाद्य पदार्थ सामान्यता बोरी मेंसंग्रहित किए जाते हैं और खोलकर बेचे जाते हैं, जिससे इनकी जांच रिपोर्ट में जीवित एवं मृत कीट का लार्वा पायाजाता है। इन वस्तुओं को भी उचित रख रखाव करके गुणवत्ता सुधारी जा सकती है।


‘खाद्य पदार्थों के नमूने फेल होने के कारणों में मिलावट के अलावा रखरखाव में लापरवाही भी पाई गई है। खाद्य सुरक्षाके संबंध में सामान्य निर्देशों का पालन सभी खाद्य कारोबारियों को अनिवार्य रूप से करना चाहिए, जिससे खाद्य पदार्थोंकी गुणवत्ता को नियंत्रित किया जा सके। दुकानदारों को जागरूक करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहेहैं।’ - कौशलेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य, एफएसडीए



(SOURCE: AMARUJALA)

 
 
 

टिप्पणियां


bottom of page