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Lakhimpur Kheri NEWS:मौसम ने बिगाड़ा खेल, खांड सारी इकाइयां नहीं चलीं

  • वीरेंद्र सक्सेना
  • 28 अक्टू॰ 2022
  • 2 मिनट पठन


जिले में 28 खांडसारी इकाइयां स्थापित हैं। यह चीनी मिलों से पहले यानी अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े तक संचालित होजाती थीं। जरूरतमंद गन्ना किसान इन क्रशर पर आवश्यकतानुसार गन्ना बेचकर दिवाली पर अपने परिवार का दैनिकखर्च चलाने की व्यवस्था कर लेते थे। इस वर्ष किसान ऐसा नहीं कर सकें, क्योंकि अक्तूबर के पहले पखवाड़े में एकसप्ताह तक लगातार हुई भारी बारिश से धान के अलावा गन्ने के खेतों में भी पानी भरा हुआ है। इस कारण क्रशरमालिकों ने पेराई सत्र को तय समय से आगे टाल दिया है। खांडसारी इकाईयों से जुड़े सूत्र बताते हैं कि बेमौसम हुईबारिश के कारण गन्ने के खेतों में पानी भरा होने से गन्ने में मिठास अभी कम है, जिससे चीनी परता कम रहता है। इससेचीनी का उत्पादन कम होगा। लिहाजा खेतों की नमी सूखने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद पेराई सत्र काआगाज होगा।

इसके अलावा क्रशर मालिकों ने शीरा पर जीएसटी लगाए जाने के विरोध में पिछले माह सितंबर में खांडसारी अधिकारीको ज्ञापन देकर पेराई सत्र प्रारंभ न करके हड़ताल करने की चेतावनी भी दी थी। अभी गतिरोध बना हुआ है। हालांकिहड़ताल को लेकर क्रशर मालिकों की ओर से कोई बयान नहीं जारी किया गया है, लेकिन खांडसारी अधिकारी बारिश केकारण गन्ने के खेतों में भरे पानी को संचालन में देरी की वजह बता रहे हैं। वहीं क्रशर संचालन में देरी की वजह से गुड़ वराब बनाने वाली कोल्हू इकाइयां औने-पौने दामों 200 से 250 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीद रहीं हैं, जिससेमजबूर किसानों को चपत लग रही है। ‘बेमौसम बारिश होने से गन्ने के खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है, जिससे गन्ने में शुक्रोज (मिठास) की मात्रा कम है।इससे अभी चीनी परता कम रहेगा। इस कारण क्रशर मालिकों ने अभी पेराई सत्र को आगे टाल दिया है। खेतों में पानीसूखने पर क्रशर का संचालन प्रारंभ होगा। नवंबर के पहले पखवाड़े तक पेराई सत्र शुरू होने की उम्मीद है।’

- सीएम उपाध्याय, खांडसारी अधिकारी


(SOURCE:AMARUJALA)

 
 
 

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