हाथियो की दहशत रात भर जाग कर किसान बचा रहे हैं फसलें
- 28 अग॰ 2022
- 1 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 25 सित॰ 2022
Lakhimpur Kheri: बांकेगंज | इलाके में हाथियों की मौजूदगी से किसान दहशत में है पूरी रात जाकर किसानों ने अपनी फसल बचा रहे हैं और दिन में भी पहरा दे रहे हैं बुधवार की रात एक बार फिर जंगली हाथियों ने 12 किसानों की फसलें रौंद डाली

बुधवार 24 AUGUST को जंगली हाथिओं ने 12 किसानो की फैसले राउंड डाली ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, पिछले वर्ष भी क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की फसलों को हाथियों ने रौंदा था .उस समय भी विभाग ने प्रभावित कृषकों को उक्त नुकसान की भरपाई करने के लिए आश्वासन दिया था किंतु आज तक एक पैसा भी मुआवजा किसानों को नसीब नहीं हुआ.
गुरुवार की पूरी रात किसान एकजुट होकर पशुओं की रखवाली करते रहे और सुबह से लेकर पूरे दिन खेतों पर डटे रहे जंगल के किनारे स्थित खेतों के मालिकों का तो बुरा हाल है बीती रात जब कृषक वन विभाग के कर्मचारियों सहित एकत्र होकर खीरी ब्रांच में नहर पर कॉलिंग कर रहे थे तो उनको किसी जानवर की आवाज सुनाई दी.
टॉर्च की रोशनी में किसानों ने देखा कि एक बाघ नहर के किनारे पानी पी रहा था इस तरह किसी प्रकार किसानों ने भागकर अपनी जान बचाई.एक तरफ तो किसानों को हाथियों का डर ऊपर से जंगली जानवरों का भय किसान अंग्रेज सिंह ने बताया कि रात भर तांडव मचाने के बाद हाथी जाकर विश्राम करते हैं. वन विभाग भी महज खानापूर्ति करता नजर आ रहा है|




टिप्पणियां